EdCIL (India) Limited, A Government of India Enterprise, An ISO 9001:2008 & 14001: 2004

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मुख्य पृष्ट arrow सेवाओं का क्षेत्र arrow संभारतंत्र तथा सहायता सेवाएं
संभारतंत्र (लॉजीस्टिक्स) तथा सहायता
ग्राहकों को नवाचारी तथा अनुकूलित समाधान उपलब्ध कराना......


पिछले कुछ दशकों में संगठनों के संसाधनों के प्रभावी प्रयोग के लिए कार्य बाहरी एजेंसियों को सौंपना प्रमुख परियोजना प्रबंध कार्यनीति के रूप में व्यापक स्तर पर स्वीकार किया गया है। एडसिल ने भारत सरकार के मंत्रालयों और अंतराश्ट्रीय वित्तपोषी एजेंसियों की विख्यात सामाजिक क्षेत्र परियोजनाओं के राष्ट्रीय स्तर के कार्यान्वयन के वास्ते संभारतंत्रीय सहायता सफलतापूर्वक प्रदान की है। इनमें से प्रत्येक परियोजना के लिए एडसिल ने एक कार्यनीतिक भागीदार परामर्शी संगठन के रूप में काम करके विशिष्ट क्षेत्रों में कोर क्षमताएं उपलब्ध कराई हैं।

हमारी सेवाओं की श्रृंखला में निम्न शामिल हैं:

  • आयोजना और प्रबंध
  • कार्यक्रम कि्रयाकलापों का प्रर्यवेक्षण, समीक्षा, मानीटरन तथा मूल्यांकन
  • प्रबंध सूचना प्रणाली
  • शिक्षाशास्त्रीय इनपुट तथा पाठ्यचर्या विकास
  • सिविल निर्माण कार्य
  • सामुदायिक अभिप्रेरण और सामाजिक हस्तक्षेपणीय उपाय
  • केन्द्रीय सरकार के मंत्रालयों/विभागों, राज्यों तथा वित्तपोषी एजेंसियों के साथ संपर्क स्थापित करना
  • अनुसंधान अघ्ययन आयोजित करना
  • नीतिगत सुधारों के कार्यान्वयन को सुविधापूर्ण बनाना
  • प्रबंध विकास कार्यक्रम आयोजित करना
  • संगोष्ठियां कार्यशालाएं, अध्ययन दौरे, क्षेत्रीय दौरे, अध्येतावृति कार्यक्रम आदि का आयोजन
  • कार्मिकों का प्रशिक्षण
  • अनुसंधान और मूल्यांकन रिपोर्ट आदि तैयार करना
  • उद्योग, संस्थानों और समुदायों के साथ तालमेल स्थापित करना
  • लेखापरीक्षा रिपोर्टर
सर्व शिक्षा अभियान
 

 
11000 करोड़ रूपए से अधिक के परिव्यय सहित अभी तक का विशालतम शैक्षिक कार्यक्रम सर्व शिक्षा  अभियान (एसएसए) प्रारंभिक शिक्षा के सर्वसुलभीकरण के लक्ष्य को पूरा करने के लिए वर्ष 2000 में शुरू किया गया था। यह कार्यक्रम केन्द्रीय और राज्य सरकारों द्वारा संयुक्त रूप से कार्यान्वित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य उत्तम शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशिष्ट बल देते हुए सामुदायिक स्वामित्व के दृष्टिकोण के माध्यम से स्कूल प्रणाली के निष्पादन में सुधार लाना है। यह कार्यक्रम प्रारंभिक शिक्षा के सर्वसुलभीकरण के लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करने तथा 2015 तक लैंगिक और सामाजिक अंतरालों को पाटने के लिए एक समयबृद्ध कार्यक्रम है। एडसिल इस लब्धप्रतिष्ठ कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए भारत सरकार, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी), प्रारंभिक शिक्षा ब्यूरो को तकनीकी और संभारतंत्रीय सहायता प्रदान कर रहा है।

राष्ट्रीय परियोजना कार्यान्यवन यूनिट

एडसिल में राष्ट्रीय परियोजना कार्यान्वयन यूनिट (एनपीआईयू) 1990 में स्थापित किया गया था और तभी से देश के भीतर तकनीशियन शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए नितांततः विश्व बैंक सहायित तकनीशियन परियोजना ......... तथा ........ के कार्यान्वयन के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करने के प्रयोजन से बनाए रखा जा रहा है। इसके अलावा एडसिल को देश में तकनीकी सहायता प्रदान करने के प्रयोजन से बनाए रखा जा रहा है। इसके इलावा एडसिल को देश में तकनीकी शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए विश्व बैंक द्वारा 1550 करोड़ रूपए के वित्तपोषण सहित भारत सरकार के तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम (टीईक्यूआईपी) कार्यान्वित करने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करने का काम सौंपा गया था।

प्राथमिक शिक्षा को पोषणिक सहायता का राष्ट्रीय कार्यक्रम

प्राथमिक शिक्षा को पोषणिक सहायता का राष्ट्रीय कार्यक्रम ख्एनपी-एनएसपीई, (जिसे आमतौर पर मध्याह्नन भोजन योजना के रूप में जाना जाता है) देश के भीतर प्रारंभिक शिक्षा के सर्वसुलभीकरण के लक्ष्य की पूर्ति करने के लिए भारत सरकार की प्रमुख पहलों में से एक है। इस स्कीम के अधीन मानीटरन, पर्यवेक्षण, मूल्यांकन, प्रभाव अध्ययनों, आयोजना, प्रलेखन, पोषण, बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा (आईईसी), मीडिया, सभी के लिए शिक्षा (ईएफए), वित्त और लेखा आदि में विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर सभी स्तरों पर विभिन्न कि्रयाकलापों पर निकट निगाह, मार्गदर्शन और एकीकरण किए जाने की जरूरत रहती है। नितांततः इस स्कीम को सहायता प्रदान करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तत्वावधान में एजूकेशनल कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (एडसिल) द्वारा राष्ट्रीय अनुसमर्थन समूह स्थापित किया जा रहा है ताकि इन महत्वपूर्ण कार्यों को कार्यान्वित किया जा सके।
 
शिक्षा का अधिकार

नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा बच्चों का अधिकार, शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009, जिसमें यह प्रावधान है कि छः से चौदह वर्ष के प्रत्येक बच्चों को अपने पड़ोस के विद्यालय में प्रारंभिक शिक्षा समाप्त होने तक नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। कोई भी बच्चा किसी भी प्रकार का शुल्क या प्रभार या व्यय नहीं करेगा जिसके कारण प्रारंभिक शिक्षा को पूरी करने में बाधा पहुँचे। इस योजना के तहत आधारभूत संरचना के लिए कसौटी तथा मानदंड, प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षा के लिए प्राथमिक शिक्षकों का संसाधन तथ शिक्षकों का अकादमी दायित्व। इसमें पढ़ाने सिखाने के प्रक्रम के नियम भी है - पढ़ाई गतिविधि पर आधारित हो तथा बच्चा उसका केन्द्र हो, स्वभाव संबंधी मूल्यों पर आधारित हो तथा कक्षा के संचालन से बच्चों में डर, भय तथा आकुलता न हो। इस योजना/अधिनियम के तहत इसके प्रबंधन का विकेन्द्रीकरण, और बच्चों की आवश्यकता के अनुरूप इसे सुग्राही बनाना, विशेषकर उन समूहों के लिए जिसे इसका लाभ न मिल रहा है के साथ-साथ वर्तमान प्रारंभिक शिक्षा के निष्पादन में सुधार लाना है।

प्रारंभिक शिक्षा का महत्वपूर्ण पहल मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा किया गया था, एडसिल, सर्व शिक्षा अभियान के लिए तकनीकी अनुसमर्थन समूह इस योजना के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए संभारतंत्र तथा अन्य सहायक उपकरण मुहैया करा रहा है।
 
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान

माध्यमिक शिक्षा को सार्वजनीकरण करने के उद्देश्य से मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा 'राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए)' का गठन किया गया है, जिसे पहले से ही कई विकसित देश तथा कुछ विकासशील देश प्राप्त कर चुके है। इस योजना को पूर्ण करने का कार्य तकनीकी अनुसमर्थन समूह (टीएसजी), एडसिल को सौंपा गया है। इस योजना का उद्देश्य है कि 15-16 वर्ष के सभी युवाओं को अच्छी माध्यमिक शिक्षा आसानी से प्राप्त हो सके।

उद्देश्य : इस योजना का उद्देश्य निम्न हैः-

•    सभी माध्यमिक विद्यालय निर्धारित मानदंडों के अनुरूप माध्यमिक स्तर पर दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाएंगे।
•    लिंग, सामाजिक-आर्थिक और निर्योग्यता की सीमा को समाप्त करना।
•    माध्यमिक स्तर की शिक्षा को 2017 तक अर्थात 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंत तक सार्वजनीकरण करना है।
•    2020 तक सार्वजनीकरण बरकरारी।

एडसिल ने टीएसजी की स्थापना की है जो इस योजना के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए संभारतंत्र तथा अन्य सहायक उपकरण मुहैया कराएगा।
 
एडसिल द्वारा हाथ में ली गई मुख्य परियोजनाएं
  • भारत सरकार, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी), प्रारंभिक शिक्षा और साक्षरता विभाग के लिए जिला प्राथमिक शिक्षा (डीपीईपी) का कार्यान्वयन-विश्व बैंक, डीएफआईडी तथा यूरोपीय संघ द्वारा वित्तपोषित।
  • एमएचआरडी के माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के लिए राष्ट्रीय परियोजना कार्यान्वयन यूनिट (एनपीआईयू) की स्थापना और अनुरक्षण।
  • एमएचआरडी, महिला और बाल विकास विभाग के लिए ग्रामीण महिला विकास और  सशक्तिकरण कार्यक्रम (स्व-शक्ति)-विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित।
  • विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) कापीराइट के प्रवर्तन पर क्षेत्रीय संगोष्ठी, शिक्षा विभाग, एमएचआरडी।
  • एमएचआरडी के प्रारंभिक शिक्षा के सर्वसुलभीकरण संबंधी कार्यक्रम सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) की लांच फिल्म की तैयारी।
  • सर्व शिक्षा अभियान, प्रारंभिक शिक्षा और साक्षरता विभाग, एमएचआरडी।
  • एमएचआरडी, प्रारंभिक शिक्षा और साक्षरता विभाग के लिए गणराज्य दिवस परेड झांकी टर्नकी आधार पर तैयार करना।
  • विदेश कार्य मंत्रालय के लिए आसियान-भारत संयुक्त एचआरडी अध्ययन पर एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) कार्यशाला।
  • यूनेस्को प्रभाग, एमएचआरडी के लिए ’न्यू दिल्ली कांफ्रेंस डायलॉग एमंग सिविलिजेशंस’ का टर्नकी आधार पर आयोजन।
  • शीर्षस्थ भारतीय शिक्षा संस्थानों के लिए विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय शिष्टमंडलों के दौरे आयोजित किए और उनका समन्वय किया।
 

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